Friday, August 31, 2018

अक्षय कुमार ने की केरल की मदद,प्रियंका-निक पर जोक्स वायरल

अक्षय कुमार और फिल्म निर्माता प्रियदर्शन ने बाढ़ प्रभावित केरल की मदद के लिए आगे आए, किया दान. वहीं निक जोनस और प्रियंका चोपड़ा पर बने जोक्स हो रहे हैं वायरल. देखें मनोरंजन में और क्या रहा खास...
बाढ़ग्रस्त केरल की मदद के लिए आगे आए अक्षय, दिया दान
बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार और फिल्म निर्माता प्रियदर्शन ने बाढ़ प्रभावित केरल की मदद के लिए मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में दान किया है. अक्सर समाजि‍क मुद्दों और आपदाओं में अपने योगदान के लिए आगे आने वाले अक्षय कुमार ने केरल के सीएम को बाढ़ग्रस्त केरल की मदद के लिए चेक दिया है.
1 साल पुरानी ड्रेस पहनकर प्र‍ियंका की सगाई पर पहुंची थी परिणीति
प्र‍ियंका चोपड़ा-न‍िक जोनस की सगाई शन‍िवार शाम मुंबई में हुई, इस पार्टी में न‍िक-प्र‍ियंका दोनों की पूरी फैमिली साथ नजर आई. इस पार्टी के बाद प्र‍ियंका की बहन एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा ने सोशल मीड‍िया पर इमोशनल पोस्ट ल‍िखा. लेकिन परिणीति की पोस्ट से ज्यादा उनकी पार्टी ड्रेस चर्चा में है.
प्रियंका-निक के रोका सेरेमनी पर सोशल मीडिया पर छाए जोक्स
बॉलीवुड में कोई खास इवेंट हो और इंटरनेट जेनरेशन उस पर चुटकी ना ले ये हो नहीं सकता. इस बार निशाने पर प्रियंका चोपड़ा और निक की रोका सेरेमनी की तस्वीरें रहीं. जहां इस कपल का रिलेशनशिप ऑफिशियल होने पर दुनियाभर से बधाई मिली वहीं फनी रिएक्शन भी खूब शेयर हुए. जैसे कि रोका सेरेमनी की इस तस्वीर में अनुष्का के फिल्म सुई धागा के लुक को एडिट कर इस्तेमाल किया गया है.
'निक को पागलों की तरह प्यार करती हैं प्रियंका': परि‍णीति
प्रियंका चोपड़ा और निक जोनस को उनके रोके पर दुनियाभर से कई फैन्स और सेलेब्स के बधाई संदेश और शुभकामनाएं मिल रही हैं. प्रियंका के रोका सेरेमनी का हिस्सा बनीं उनकी कजिन बहन परिणीति चोपड़ा ने भी प्रियंका और निक के लिए एक इमोशनल पोस्ट लिखकर बधाई दी है.
सत्यमेव जयते का बिजनेस 50 करोड़ के करीब, गोल्ड अब भी आगे
बॉलीवुड एक्टर जॉन अब्राहम, मनोज बाजपेई, आएशा शर्मा और अमृता खानविलकर स्टारर फिल्म सत्यमेव जयते बॉक्स ऑफिस पर अच्छा कलेक्शन कर रही है. 15 अगस्त को रिलीज हुई मिलाप जावेरी निर्देशित यह फिल्म 50 करोड़ का आंकड़ा छूने वाली है. फिल्म का अब तक का कुल कलेक्शन 46 करोड़ 55 लाख रुपये हो चुका है. उम्मीद है कि रविवार के बिजनेस के बाद इसका कुल कलेक्शन 50 करोड़ से ऊपर चला जाएगा.
अक्षय के बाद केरल की मदद को आगे आए शाहरुख खान, द‍िए 21 लाख रुपये
बॉलीवुड एक्टर अक्षय कुमार, फिल्म निर्माता प्रियदर्शन के बाद बाढ़ प्रभावित केरल की मदद के लिए शाहरुख खान ने हाथ बढ़ाया है. डीएनए की र‍िपोर्ट के मुताब‍िक किंग खान के मीर फाउंडेशन ने 21 लाख रुपये राहतकोष में द‍िए हैं. केरल में बारिश और बाढ़ के कारण रविवार को मृतकों की संख्या बढ़कर 370 पहुंच गई है. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से देश में शोक की लहर है. उन्हें पूरे देश भर में श्रद्धांजलि दी जा रही है. इसी कड़ी में औरंगाबाद महानगर पालिका में भी श्रद्धांजलि का प्रस्ताव लाया गया, जिसका असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी  के पार्षद सैयद मतीन ने विरोध किया तो इस बात से बीजेपी पार्षद नाराज हो गए और उनकी दौड़ा -दौड़कर पिटाई कर दी. इस घटना के बाद सभी पार्षदों ने सैयद मतीन को निलंबित करने की मांग की है. 
अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से चार साल पहले दिल्ली के कृष्णा मेनन मार्ग पर स्थित उनके घर पर एक शख्स ने आखिरी सांस ली, लेकिन उस वक्त मीडिया का जमघट नहीं था और यह तारीख थी 3 मई 2014. हालांकि उस दौरान घर पर कई प्रमुख दिग्गज हस्तियां पहुंचीं, जिनमें कांग्रेस की तत्कालीन अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल थीं.
तब 2014 लोकसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्त होने की वजह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वाजपेयी की करीबी मिसेज कॉल को श्रद्धांजलि देने नहीं पहुंच सके थे. लंबे समय तक वाजपेयी के साथ रहीं मिसेज कौल के अंतिम संस्कार में बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, अमित शाह के साथ-साथ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया भी शामिल हुए थे.
बता दें कि साल 2014 में राजकुमारी कौल का दिल का दौरा पड़ने की वजह से निधन हो गया था. उनकी मौत से एक ऐसी दोस्ती का अंत हुआ, जो भारतीय राजनीति में पहले शायद ही कभी देखी गई हो. राजकुमारी कौल कई दशकों तक अटल बिहारी वाजपेयी के साथ रहीं. वाजपेयी ने उनकी बेटी नमिता भट्टाचार्य को भी गोद लिया. वो कई साल तक साथ ही रहीं. वाजपेयी के प्रधानमंत्री बनने तक.
कौन थीं मिसेज कौल?
पिछले हफ्ते 16 अगस्त को शाम पांच बजकर पांच बजे जब वाजपेयी का देहांत हुआ तो राजकुमारी कौल की कहानी भी चर्चा का विषय बन गई. इस दौरान सवाल हुए कि मिसेज कौल थीं कौन? जो अपने पति के सरनेम की वजह से जानी जाती थीं. फिर वो यानी मिसेज कौल वाजपेयी की साथी कैसे?
40 के दशक में अटल बिहारी वाजपेयी और राजकुमारी हकसर, ग्वालियर में विक्टोरिया कॉलेज (अब लक्ष्मीबाई कॉलेज) में पढ़ रहे थे. दोनों ने एक-दूसरे की भावनाएं समझीं. विभाजन के उस दौर में किसी लड़के और लड़की के बीच की दोस्ती को सराहा नहीं जाता था. वाजपेयी और मिसेज कौल भी इस स्थिति से गुजर रहे थे.
वाजपेयी ने अपनी भावनाओं का इजहार एक पत्र के माध्यम से किया, जिसे उन्होंने राजकुमारी के लिए लाइब्रेरी की एक किताब में रख दिया था. राजकुमारी ने भी ऐसे ही जवाब दिया, हालांकि उनका जवाब वाजपेयी तक पहुंचा ही नहीं. 
भारत विभाजन के दौरान राजकुमारी के कश्मीरी पंडित पिता गोविंद नारायण हकसर ने उनकी शादी कश्मीरी पंडित बृज नारायण कौल से कर दी.  दरअसल, हकसर अपनी बेटी की शादी एक शख्स नहीं करना चाहते थे, जो बाद में भारतीय राजनीति को बदलने वाला साबित हुआ. 
वाजपेयी और राजकुमारी हकसर, दोनीं अपनी जिंदगी में रम गए. बाद में मिसेज कौल पति के साथ दिल्ली चली गईं और वाजपेयी कानपुर से होते हुए लखनऊ पहुंच गए. मिसेज कौल के पति बीएन कौल, रामजस कॉलेज में प्रोफेसर थे और बाद में रामजस हॉस्टल में वार्डन भी बने.
कुछ सालों बाद अविवाहित वाजपेयी पूरी तरह से राजनेता बन गए.  एक लंबे वक्त के बाद दिल्ली में वाजपेयी का मिसेज कौल से मिलना हुआ. उस वक्त राजकुमारी कौल, बीएन कौल की पत्नी थीं. बीएन कौल उस वक्त हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के प्लान में रोड़ा बन जाते थे, जब वो शराब पीने के लिए देर से हॉस्टल आने की योजना बनाते थे. इस वक्त किसी ने मिसेज कौल को शिकायत करने का प्लान बनाया. जब हॉस्टल में रहने वाले छात्रों का ग्रुप कौल के घर शिकायत करने पहुंचा तो कहा जाता है कि उस वक्त उनका सामना वाजपेयी से भी हुआ.
अगले कई सालों तक वाजपेयी, कौल के घर नियमित आने-जाने वालों में शामिल थे. बाद में वाजपेयी कौल हाउस में शिफ्ट हो गए जबकि उस वक्त तक प्रोफेसर कौल रामजस कॉलेज के वार्डन थे. लेकिन 1978 में अटल बिहारी वाजपेयी जब मोरारजी सरकार में विदेश मंत्री बने तो वे मिसेज कौल और उनकी बेटियों के साथ सरकारी आवास में शिफ्ट हो गए. उन्होंने कौल की बेटी नमिता और बाद में उनकी दोहिती निहारिका को गोद ले लिया.
पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी हिंदुस्तान टाइम्स को एक इंटरव्यू में बताया था, 'हम वाजपेयी के पड़ोस में रहते थे. घरों की दीवार से लगा एक दरवाजा था, जिससे कि दोनों परिवार के लोग आसानी से आ-जा सके. वो मछली के शौकीन थे. नमिता अक्सर हमारे घर आती थी. मेरी पत्नी और मिसेज कौल की अच्छी बॉन्डिंग थी. जब नमिता की शादी तय हुई तो मेरी पत्नी ने तैयारी की थी, क्योंकि दूल्हा बंगाली था. बता दें कि नमिता की शादी रंजन भट्टाचार्य से हुई थी.
वाजपेयी की मिसेज कौल के साथ दोस्ती की चर्चा मीडिया में नहीं हुई. यह मीडिया और वाजपेयी के बीच एक अघोषित समझौता था, जिस पर न कभी मीडिया ने रुचि दिखाई और न ही वाजपेयी ने इस पर सफाई देने की जरूरत समझी. मिसेज कौल ने एक बार एक मैगजीन को इंटरव्यू दिया था.
इस इंटरव्यू उन्होंने कहा था, अटल बिहारी वाजपेयी से उनकी दोस्ती को लेकर किसी को समझाने की जरूरत नहीं है. मिसेज कौल ने कहा, पति के साथ भी उनका रिश्ता काफी मजबूत है. बहरहाल, बहुत साल बाद जब मिसेज कौल का देहांत हुआ तो वाजपेयी बहुत बीमार थे और बिस्तर पर थे. वो उनके अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो पाए थे. लेकिन वाजपेयी के निधन के बाद नमिता ने ही उन्हें मुखाग्नि दी थी.

Monday, August 27, 2018

联合国气候谈判仍需各方努力

周的联合国气候谈判是各国在巴黎气候峰会之前完善协商文本的最终机会,尽管妥协势在必行,但各主要排放国并没有在开场白中明确表达意愿。

发达国家与发展中国家在确定排放量削减任务的主要承担者、加强气候融资的方法以及即将出台的巴黎协议的法律地位等主要问题上仍存在广泛分歧。如果各国无法在这些关键问题上取得突破,那么年底巴黎气候峰会可能只会通过一个软弱无力的协议,根本无法达成将全球平均气温上升控制在2摄氏度以内的目标。

联合国政府间气候变化专门委员会
在上一份报告中强调,为了达到2摄氏度的温控目标,全球温室气体排放量必须在下一个10年内达到峰值,并在之后急速下降。目前,各国提出的减排方案还远不能满足这一要求。

本周的谈判开始得并不顺利。作为77国集团加中国(G-77+China)等发展中国家谈判集团的主席,南非提出发达国家应在2020年之前完成减排目标,但这一时间安排远不是巴黎气候协议可能达成的。

中国与其他三大发展中经济体组成了基础四国(  )谈判集团。它表示,发达国家应履行后2020年计划中的一些基本承诺,其中不仅包括削减温室气体排放量,还应包含气候融资以及对发展中国家的技术转让问题。

削减(或减轻)排放量仍旧是许多国家担忧的主要问题。目前,57个国家(包括28个欧盟成员国)已向联合国提交了国家气候计划,但其提出的减排量远不能达到将气温上升控制在2摄氏度以内的目标。世界资源研究所(W 简称WRI)周二发表的对比研究发现,各国披露的信息质量存在着巨大的差异。

尽管联合国对减排幅度存在忧虑,但却很有信心目前各国提交的气候计划能够为巴黎气候协议打下基础,并确保发达及发展中国家未来逐步扩大减排规模。

《联合国气候变化框架公约》( )执行秘书长克里斯蒂安·菲格雷斯在本周谈判开始时的发言中说道,“在巴黎峰会之前,各国向联合国提交的国家自定贡献(      , 简称 )并不能达到控制全球变暖不超过2摄氏度的目标,但它们都强调了应果断舍弃“如常经营”的态度。如果各国政府能够坚定减排决心,制定更高的减排目标,那么自定贡献将会为终极目标的达成构建必要的基础。”

长达83页的协议草案中存在着大量的分歧,从而加深了发达国家对于技术协商落后于高层政治讨论的担忧。

融资

作为年底气候峰会的主办国,法国提出了多个向发展中国家注入气候资金的方案,试图推动气候融资,但融资问题仍旧是妨碍谈判顺利进行的一大阻碍。

2009年,时任美国国务卿希拉里·克林顿提出,美国将在2020年之前每年筹集1千亿美元的气候融资,但发展中国家对美国能否履行承诺表示怀疑。

发达国家一直表示气候融资应主要来自民间,但发展中国家坚持认为政府应加大对绿色气候基金(  d)等气候项目的资金投入,并且不应包括现有的海外援助。

 “单单靠会计账目上的弄虚作假和政治声明是不可能解决气候融资问题的。”法国气候行动网路( )的阿利克斯·马佐尼( )说道。他的话也反映了环境人士和最不发达国家日益加剧的愤怒,他们认为发达国家企图逃避责任,不履行之前作出的发展低碳能源、适应气候变化的承诺。

法律诉讼

由于联合国谈判缺乏进展,一些最易受到气候变化影响的国家,尤其是受海平面上升威胁的小岛屿国家已经决定采取法律手段,起诉那些开采或使用煤炭(通常被认为是造成全球变暖的罪魁祸首)的公司。

但是,参加波恩谈判的发达国家拒绝接受补偿条款,不愿对气候变化造成的损失和破坏进行补偿。他们担心一旦巴黎协议收录该条款,将会面临一大批诉讼请求。

此次联合国谈判恰逢全球商品价格跌至数年来的新低。一方面,这不禁让人期待,能源产业能够放缓投资,并且认识到随着政府加强对化石燃料的管制,其储备和资产的经济效益将会受到影响。

但另一方面,这也引起了一些人的忧虑,他们担心石油及煤炭价格的下跌会阻碍传统能源向可再生能源的转型。

Thursday, August 16, 2018

对当前经济形势、宏观政策及房地产走势的判断

日的政治局会议,研究当前经济工作,这个会议,一般被视为下半年宏观政策的风向标,因而备受关注。特别是在今年,经济运行出现诸多变局的情况下,政策如何调整变化,特别重要。根据会议通稿,以及我对当下中国经济和宏观政策的观察,有如下几点判断:
一、经济形势出现了一些明显的变化,“六稳”成为下半年核心目标。“会议指出,当前经济运行稳中有变,面临一些新问题新挑战,外部环境发生明显变化。”外部环境的变化,当然主要指中美贸易战对中国经济的挑战。实事求是而言,目前中国经济在心理层面受贸易战影响还是比较大,这是当前中国经济最大的变数,也是一段时间内影响中国经济的重要因素。而一些重要的指标如投资,消费向下的趋势比较明显,可以说,稳增长的任务比任何时候都严峻。会议指出,“要抓住主要矛针盾,采取对性强的措施加以解决。” 要做好“稳就业、稳金融、稳外贸、稳外资、稳投资、稳预期工作。”这“六稳”会成为下半年宏观政策的指挥部和核心目标,意味着稳经济的任务很重。也会出台针对性的举措,如“保护在华外资企业合法权益”
二、财政政策和货币政策出现“微调”。所谓“微调”是指从字面看,财政政策和货币政策都几乎维持稳定,但了解中国宏观政策的都知道,财政政策和货币政策的任何一个小的变动,其实在政策层面的影响和力度都不会小。会议虽然强调“坚持实施积极的财政政策和稳健的货币政策”,但关注重点应该是“提高政策的前瞻性、灵活性、有效性。”“财政政策要在扩大内需和结构调整上发挥更大作用。要把好货币供给总闸门,保持流动性合理充裕。”这意味着,在经历“央妈”和“财爹”的互怼后,财政政策也许会更加“积极”,着力点在“扩内需和调结构”,我的感觉,财政支出和减税都应是政策应有之义。至于货币政策,其实早在政治局会议之前变了,已经从保持流动性合理“稳定”变为“合理充裕”,因过度去杠杆引发的“钱荒”有望得到缓解,但很显然,管理层并不愿意再次打开水龙头哗哗哗。毕竟,宏观杠杆已经很高了,房价已经很高了,一些风险已经很大了。
三、投资将在“基建”和“乡村振兴”两个方面加码。会议特别提到,要“加大基础设施领域补短板的力度”。上半年投资增速6%,创近20年来的最低增速。基建投资大幅度滑坡是主要愿意。基建投资上半年增速只有7.2%,和过去2020%以上的年均增速比下滑太明显。除了清理 的影响,铁路投资下滑10.3%,也是主因。下半年,“铁公鸡”重出江湖,成为稳增长的重要力量的概率很大。另外,乡村振兴,应该会有一些标杆性的项目上马。
四、“去杠杆”虽然坚定,但更强调“力度和节奏”。站在中国经济当下的周期,去杠杆的大方向无疑是正确的,但是,我一直认为,去杠杆一是不能搞运动战,三年攻坚战的提法真的有待商榷;二是要深刻认识“去杠杆”的复杂性,去杠杆可谓经济领域最具技术含量的政策,如果把握不好节奏,“去杠杆”造成的后果可能比杠杆本身都可怕,去杠杆要有耐心。“协调好各项政策出台时机”的提法无疑是给去杠杆政策打补丁。但去杠杆的大方向不会改变。
五、改革开放层面会有新举措。会议提出“继续研究推出一批管用见效的重大改革举措。”,改革开放既是中国经济长期内在需要,也是当下应对复杂国际环境,应对贸易战的需要。笔者预计主要会在金融开放、扩大进口,以及“一带一路”战略层面发力。
六、房地产政策其实没“新意”。会议在房地产政策上用词非常严厉,体现在两点:一是提出“下决心解决好房地产市场问题”,二是提出“坚决遏制房价上涨”。过去的政策目标都是遏制房价“过快上涨”,而这次是“遏制房价上涨”,意思是房价不能再涨了。其实,我的判断,即使会议不出台针对房地产的任何政策,房价短期不是上涨的压力大,而是下行的压力大。这是房地产真正的基本面。在经历2015以来近3年的上涨周期后,房地产从一线到八线城市的需求得到了淋漓尽致的释放,从一线到八线城市的房价,除了少数城市,短期基本都处在高位,市场自然向下的概率远远高于向上的概率,房价下一个上涨周期到来还需要时间,需要政策和市场环境。特别是,随着去库存政策和棚改货币化政策的逐渐退出,推动房价上涨的最主要推手都泄劲,这个时候做到不让房价“上涨”其实是可以做到的。我个人判断,房价在各种预期的改变下,其实已经进入到微妙的调整周期。至于各地出现“抢房”的闹剧,现在大家也明白是怎么回事了。难道没有人发现,市场突然进入到“静默期”吗?有点意思。